मूवी रिव्‍यू

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फिल्म समीक्षा : हर मिडल क्लास मनोरथी महिला में बसती है ‘तुम्हारी सुलु’

फिल्म समीक्षा : हर मिडल क्लास मनोरथी महिला में बसती है ‘तुम्हारी सुलु’

तुम्हारी सुलु रेडियो जॉकी नहीं है बल्कि हर मिडल क्लास मनोरथी महिला की प्रतिनिधि है। हर उस महिला के भीतर की तड़प है, जो आंखों…
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फिल्म समीक्षा : लव नी भवाई, एक खूबसूरत त्रिकोणी प्रेम कहानी

फिल्म समीक्षा : लव नी भवाई, एक खूबसूरत त्रिकोणी प्रेम कहानी

त्रिकोणी प्रेम कहानी पर आधारित हिंदी सिने जगत में बहुत सी फिल्में बनी हैं। उसमें से कुछ सफल तो कुछ असफल हुईं। और गुजराती फिल्म…
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Movie Review! करीब करीब सिंगल : दो अजनबियों की रोमांचक डेटिंग यर्नी है

Movie Review! करीब करीब सिंगल : दो अजनबियों की रोमांचक डेटिंग यर्नी है

एक पुरानी कहावत है कि बदलाव समय का निमय है। जैसे कि एक समय था, जब शादियां एक दूसरे को बिना देखे और जानें हो…
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इत्तेफाक : बेहतरीन और पैसा वसूल क्राइम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म

इत्तेफाक : बेहतरीन और पैसा वसूल क्राइम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म

यशराज चोपड़ा निर्देशित फिल्म इत्तेफाक की रीमेक इत्तेफाक, जिसका निर्देशन बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा ने किया है, रिलीज हो चुकी है। पुरानी इत्तेफाक…
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गोलमाल अगेन : मनोरंजक और पैसा वसूल फिल्म

गोलमाल अगेन : मनोरंजक और पैसा वसूल फिल्म

हॉरर कॉमेडी फिल्में बनाने का चलन दक्षिण भारत में है। हिंदी सिनेमा इस डॉमेन में काफी कम फिल्में बनाता है। लेकिन, फिल्मकार रोहित शेट्टी ने…
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सैफ अली खान और पद्मप्रिया की शेफ : जायका रिश्तों का

सैफ अली खान और पद्मप्रिया की शेफ : जायका रिश्तों का

कोच्चि की राधा, जो एकल मॉम है और दिल्ली का रौशन, जो बेपरवाह बाप है। राधा अपने बेटे के साथ अपनी जिंदगी में खुश है,…
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Movie Review! संजय दत्त भूमि फिल्म पिंक से एक कदम आगे जाकर खड़ी होती है

Movie Review! संजय दत्त भूमि फिल्म पिंक से एक कदम आगे जाकर खड़ी होती है

भरी अदालत में जब एक पिता के सामने उसकी बलात्कार पीड़ित बेटी, जो इंसाफ के लिए अदालत पहुंची है, से तरह तरह के सवाल पूछते…
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हंसल मेहता और कंगना रनौट की ‘सिमरन’ को लच्चर स्क्रीन—प्ले ने मारा

हंसल मेहता और कंगना रनौट की ‘सिमरन’ को लच्चर स्क्रीन—प्ले ने मारा

फिल्मकार हंसल मेहता की सिमरन एक ऐसी लड़की की दास्तां है, जिसका रिश्तों से मन भर चुका है और अब वो अपने माता पिता से…
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फिल्म पोस्टर बाॅयज हंसते हंसाते कहती है नसबंदी जैसी गंभीर बात

फिल्म पोस्टर बाॅयज हंसते हंसाते कहती है नसबंदी जैसी गंभीर बात

पिछले शुक्रवार फिल्मकार आरएस प्रसन्ना फिल्म शुभ मंगल सावधान में मर्दाना कमजोरी का मुद्दा लेकर आए थे, तो इस शुक्रवार पोस्टर बाॅयज में फिल्मकार व…
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शुभ मंगल सावधान : बोल्ड, प्रासंगिक और मनोरंजक लव स्टोरी

शुभ मंगल सावधान : बोल्ड, प्रासंगिक और मनोरंजक लव स्टोरी

नोटबंदी के समय लंबी लंबी कतारों में खड़े खड़े मुदित को सुगंधा भा जाती है। सुगंधा की सहेली मुदित के ताड़ने की सूचना सुगंधा को…
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फिल्म समीक्षा कैदी बैंड : ढीली ढाली कहानी ने मारा डाला बेहतरीन आइडिया

फिल्म समीक्षा कैदी बैंड : ढीली ढाली कहानी ने मारा डाला बेहतरीन आइडिया

जेलों में केवल गुनाहगार ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे कैदी भी होते हैं, जो बिना किसी गुनाह के सजा पाते हैं, या कुछ ऐसे लोग…
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