मुझे गुस्सा नहीं आता, फिल्मकार जब तनाव में आते हैं, तब मुझे कॉल करते हैं : अनिल कपूर

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पार्थ दवे, अहमदाबाद।

अनिल कपूर ने अपने स्वभाव के बारे में खुलासा करते हुए कहा, ‘मुझे गुस्सा बहुत कम आता है। मेरी बीवी और बच्चे भी यह मानते हैं। यदि मुझे गुस्सा आता है तो मैं उसको काबू में रखने की कोशिश करता हूं। मैं हमेशा सोचता हूं कि भगवान ने मुझे कितना कुछ दिया है। मैं नसीब वाला हूं। मैं एक सौंदर्य भरी धरती पर जन्मा हुआ और मुझको आनंद लेने के लिए ईश्वर सब कुछ दिया है। यह विचार मुझको गुस्से से भरने नहीं देता है।’

दरअसल, बॉलीवुड के इस जोशीले अभिनेता से गोवा में आयोजित 49वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आॅफ इंडिया में स्वभाव को लेकर एक सवाल किया गया था।

अभिनेता अनिल कपूर ने आगे कहा, ‘मेरा शरीर स्वस्थ है, इसके कारण भी मेरा स्वभाव ऐसा है। दूसरा कारण यह भी है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। सकारात्मक रहता हूं। नकारात्मक स्थिति को भी सकारात्मक में बदलने की कोशिश करता हूं। मेरे दोस्त, रिश्तेदार ही नहीं बल्कि फिल्मकार भी मुझको नकारात्मक स्थितियों में फोन करते हैं क्योंकि वह जानते हैं कि मैं​ नकारात्मक स्थितियों में सकारात्मक नजरिया प्रदान करता हूं।’

अनिल कपूर की तकनीकी रूप से पहली फिल्म तेलुगू फिल्म थी! जी हां, इस बात का खुलासा बातचीत के दौरान खुद अनिल कपूर ने किया। अनिल कपूर ने शुरूआती दिनों को याद करते हुए मास्टर क्लास विश मिस्टर इंडिया सेशन में कहा, ‘साल 1975 में बैंगलोर में सत्तीराजू लक्ष्मी नारायण, जो बापू के नाम से लोकप्रिय थे, की फिल्म हम पांच की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म में मैं कास्टिंग डायरेक्टर भी था, साथ ही प्रोडक्शन के तमाम काम मेरे पास ही थे। सही कहूं तो स्पॉट बॉय भी मैं ही था। ​बापू जबरदस्त डायरेक्टर और कार्टूनिस्ट थे। उन्होंने हम पांच में मेरा काम और जोश देखा। इसके बाद मुझे तेलुगू फिल्म वमसा व2क्षम’ काम दिया। तकनीकी रूप से यह मेरी ली​डिंग हीरो पहली फिल्म थी।

फिल्म रिलीज करने के लिए मैं मुम्बई आया। यहां पर मैंने शबाना आजमी और जावेद अख्तर को फिल्म दिखायी। इसके बाद रमेश सिप्पी ने मुझे अमिताभ बच्चन और अमजद खान के साथ फिल्म सतरंज करने के लिए साइन किया, जो बाद में बनी नहीं।

नायक फिल्म में एक दिवस के मुख्यमंत्री बनकर तहलका मचा देने वाले अभिनेता अनिल कपूर से जब पूछा गया कि यदि उनको असल जीवन में भारत का एक दिवसीय प्रधान मंत्री बनने का अवसर प्राप्त हो तो भारत के लिए क्या करना चाहेंगे? इस सवाल पर अनिल कपूर ने कहा, ‘मेरे लिए खुशी और शांति सबसे महत्वपूर्ण वस्तू है। मुझे अशोक और गौतम बुद्ध के विचार खूब प्रभावित करते हैं। मैं भी चाहता हूं कि भारत अमीर देश और सुपर पॉवर बने। लेकिन, असली मजा तब आएगा, जब कहा जाएगा कि भारत की जनता भूटान की जनता की तरह दुनिया की सबसे खुशहाल और खुशमिजाज जनता है।’

लड़कों की तुलना में लड़कियों को व्यवसाय में आगे बढ़ने का अवसर कम मिलता है। इस विषय पर बात निकलते बेटी रिया कपूर के साथ बैठे अनिल कपूर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि लड़कों की तुलना में लड़कियां ज्यादा बेहतर हैं। मेरे घर का माहौल तो ऐसा ही रहा है। मेरे घर में बेटियों को बोलबाला है। एक बार लड़कियों और बेटियों को विशेष मानना शुरू करो, अवसर तो अपने आप पैदा होने लगेंगे। लड़कियों बहुमुखी प्रतिभा की मालिक होती हैं। मैं इनके बिना दुनिया की कल्पना नहीं कर सकता।’

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