मेरी फिल्म में अं​तिम कट मेरा ही होता है: विशाल भारद्वाज

Spread the love


बॉलीवुड में अभी भी गुरूकूल परंपरा अस्तित्व में है : अभिषेक चौबे

पार्थ दवे, पणजी। गोवा में चल रहे 49वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आॅफ इंडिया के पांचवें दिन विशाल भारद्वाज, अभिषेक चौबे और रमेश सिप्पी ने फिल्म समीक्षक मिन्टी तेजपाल के साथ अपने पेशेवर सफर को लेकर बातचीत की।

इश्किया और डेढ़ इश्किया निर्देशक अभिषेक चौबे, जिसने अपने कैरियर की शुरूआत विशाल भारद्वाज की छात्रछाया में की, ने कहा, ‘भारत तथा बॉलीवुड में गुरूकूल परंपरा अभी भी चलती है। मैंने मकबूल, मक्कड़ी, द ब्लू अम्ब्रेला जैसी फिल्मों में विशाल भारद्वाज के साथ सहायक के तौर पर काम किया। जब मैं निर्देशक के तौर पर तैयार हुआ, तब मुझे स्वतंत्र तौर पर फिल्म करने की स्वतंत्रता मिली। इतना ही नहीं, साथ साथ फिल्म का निर्माण भी किया। जैसे जैसे वक्त गुजरा मैंने डेथ इन अ गंज का निर्माण किया। इस फिल्म का निर्देशन कोंकणा सेनशर्मा ने किया। भले ही मैं विशाल भारद्वाज को गुरू कहकर नहीं बुलाता, लेकिन हम में गुरू शिष्य का संबंध है।’

इस दौरान फिल्म निर्माता निर्देशक विशाल भारद्वाज ने कहा, ‘फिल्मों के निर्माण के लिए यह बेहतर समय है। अब फिल्मों को रिलीज करना सरल हो चुका है। मुझे याद है कि गुलजार साहब की फिल्म हु तू तू फिल्म में निर्माता ने बहुत सारे कट लगा दिए थे। जो फिल्म गुलजार साहब ने बनायी, उससे बिलकुल अलग फिल्म सिनेमा हॉल में पहुंची। सीएफएसआई ने मेरी फिल्म मक्कड़ी को खारिज कर दिया था। अंत: मैं खुद निर्माता बन गया क्योंकि मुझे फिल्म रिलीज करनी ही थी। मैंने कभी निर्माताओं के दबाव में काम नहीं किया। मेरी फिल्म में अं​तिम कट मेरा ही होता है। मैंने इस कारण गुलजार साहब को परेशान होते हुए देखा है।’

Leave a Reply