जब फिल्म प्रचार के नये तरीके ने मुम्बई में फैलायी सनसनी

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अनिल बेदाग, मुम्बई। इसमें कोई शक नहीं कि फिल्म की ओर से ध्यान आकर्षित करने के लिए फिल्म प्रचारक नये नये तरीके खोजते हैं। लेकिन, कभी कभी फिल्म प्रचारकों के नये तरीके आम जनता को मुश्किल में डाल देते हैं।

हाल ही में तारिक खान निर्देशित फिल्म ‘द डार्क साइड ऑफ लाइफ : मुंबई सिटी’ के प्रचार ने लोगों की सांस फूला दी थी। दरअसल, महेश भट्ट अभिनीत फिल्म ‘द डार्क साइड ऑफ लाइफ: मुंबई सिटी’ का प्रचार करने के लिए शहर के अलग अलग क्षेत्रों में फिल्म के बड़े बड़े पोस्टर लगाए गए।

इस दौरान आदर्श नगर बत्ती चौंक पर फिल्म के पोस्टर पर एक लटकती हुई लाश ने राहियों का ध्यान खींचा। लटकती हुई लाश को देखकर लोग चौंक गए और पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा।

जांच पड़ताल के बाद पता चला कि यह किसी व्यक्ति की लाश नहीं बल्कि एक पुतला है, जो फिल्म की कहानी को प्रकट करता है। लेकिन, यह पुतला पहली नजर में लटकती हुई लाश सा लगता है।

निर्देशक तारिक खान कहते हैं कि यह मुम्बईकरों के लिए एक आंख खोलने वाला कड़वा सच है जो बड़े शहरों के जीवन में रोज़ इतने व्यस्त होते हैं कि वे इस किस्म की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से अनजान हैं, जो हमारे शहर में हो सकती हैं।

तारिक खान ने याद दिलाया कि फ़िल्मी दुनिया में जिया खान जैसी एक्ट्रेस की ख़ुदकुशी की घटना ने सबको चौंका दिया। मुंबई में अँधेरी वेस्ट में आदर्श नगर सिग्नल पर इस फिल्म की टीम ने फिल्म के पोस्टर पर एक पुतले को फांसी से लटकते हुए दिखाया। इस पर तारिक खान कहते हैं कि मुंबई जैसे बड़े शहर में आज लोग इतनी भाग दौड़ भरी जिंदगी से गुज़र रहे हैं, हर आदमी तनाव और किसी न किसी परेशानी में है।

संघर्ष और मायूसी कभी कभी लोगों को आत्महत्या करने पर मजबूर करती है या वे अपनी जान देने के लिए सोचते लगते हैं। यह फिल्म दुखद हादसों से संबंधित है। मैं यह कहना चाहता हूं कि आत्महत्या जैसी कोशिश से एक संतुलित दिमाग के ज़रिये बचा जा सकता है लेकिन हमारे शहर की जीवनशैली में ऐसे बैलेंस की कमी है। यह फ़िल्म सपनो की नगरी मुम्बई के अंधेरे पहलू को उजागर करती है। यह कई किरदारों की इमोशनल और एम्बिशियस जर्नी को बड़ी बेबाकी से दर्शाती है।