मुश्किलों के बाद भी नहीं डगमगाए विनीत कुमार सिंह के कदम, और बन गया मुक्काबाज

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मुम्बई। जैसा कि हम जानते हैं कि 12 जनवरी 2018 को फिल्म मुक्काबाज में बड़े पर्दे पर विनीत कुमार सिंह मुक्केबाजी करते हुए नजर आएंगे। पर, आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म के लिए अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने असल जीवन में भी खूब खून पसीना बहाया है।

दरअसल, विनीत कुमार सिंह अभिनय की दुनिया में अपना एक अलग स्थान हासिल करना चाहते थे। पर, निर्माता निर्देशक लीड भूमिका के लिए अभिनेता में ऊंची कद—काठी, गोरा रंग और आकर्षक चेहरा खोजते थे, जो विनीत कुमार​ सिंह के पास नहीं था।

ऐसे में लंबे समय से संघर्षरत अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने खुद के लिए खुद फिल्म की कहानी लिखी। लेकिन, जब विनीत कुमार सिंह अपनी कहानी लेकर फिल्म निर्माता निर्देशक अनुराग कश्यप के पास पहुंचे तो फिल्म निर्देशक ने कहा, ‘इस पर काम केवल एक शर्त पर हो सकता है, यदि तुम मुक्केबाज बन सको।’

इसके बाद उसी रात को अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने अपना बैग उठाया और पंजाब की ओर से चल दिए, ताकि असल जीवन में मुक्केबाजी को बारीकी से सीख सकेंगे।

लगभग एक साल के लंबे प्रशिक्षण के बाद विनीत कुमार सिंह असल जीवन में मुक्केबाज बनकर मुम्बई लौटे। हालांकि, विनीत कुमार सिंह के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। इस दौरान 20 से ज्यादा चोटें और 2000 से ज्यादा किलोमीटर तक दौड़ाना भी पड़ा।

विनीत कुमार बताते हैं, ‘शुरू के दिनों में मैंने किसी से इस बात का जिक्र नहीं किया कि मैं 125 मुक्केबाजों के साथ प्रशिक्षण केंद्र में शामिल क्यों हुआ। लेकिन, जब मैंने अपने मकसद का खुलासा किया तो कोच ने मुझे एक साल तक हर दिन आठ घंटे प्रशिक्षण दिया।’

रील में तो हमेशा अभिनेताओं को पसीना बहाते हुए देखा है। लेकिन, अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने अपने जुनून के लिए असल जीवन में कड़ी मेहनत की है, जो प्रेरणादायक है।

इसलिए भी विनीत कुमार सिंह का जोश, जज्बा और जुनून सराहनीय है, क्योंकि 36 वर्षीय विनीत कुमार सिंह ने उस उम्र में रिंग के भीतर कदम रखा, जब आम तौर पर मुक्केबाज रिटायर हो जाते हैं।

बता दें कि अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी फिल्म मुक्काबाज को फिल्म उत्सवों में काफी सराहा गया है।