गुजरात में फिल्म पद्मावती की रिलीज पर प्रतिबंध, केवल सियासी चाल, क्योंकि…

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अहमदाबाद। राजस्थान, मध्य प्रदेश और पंजाब के बाद अब गुजरात सरकार ने भी फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगा दी है। हालांकि, गुजरात सरकार का यह कदम सियासी चाल से अधिक कुछ नहीं हैं क्योंकि फिल्म पद्मावती की रिलीज पहले से ही स्थगित हो चुकी है।

बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने जारी बयान में कहा, ‘गुजरात सरकार फिल्म पद्मावती को गुजरात में रिलीज होने नहीं देगी क्योंकि यह फिल्म राजपूतों की भावनाओं को आहत करने वाली है। हम किसी को भी इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने नहीं देंगे। हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं, लेकिन, ​यदि कोई हमारी संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो हम सहन नहीं करेंगे।’

दिलचस्प बात तो यह है​ कि गुजरात सरकार की ओर से मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का यह बयान उस समय आ रहा है, जब फिल्म पद्मावती के निर्माताओं की ओर से फिल्म की रिलीज को स्थगित करने की घोषणा पहले ही कर दी गई है।

वैसे भी केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के मंत्रालय के अधीनस्थ है। जब तक केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड फिल्म पद्मावती को पत्र प्रमाण नहीं ​देगा, तब तक फिल्म का रिलीज होना मुश्किल है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी पूर्व में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा कर चुके हैं कि किस तरह मंत्रालय की ओर से फिल्म को राजनीतिक हित साधने के लिए रोकने का प्रयास किया गया था। पहलाज निहलानी ने तोड़ी चुप्पी, नंगा हुआ स्मृति ईरानी और सरकार का चेहरा

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड फिल्म पद्मावती को कुछ तकनीकी खामियों का हवाला देकर वापस कर चुका है और फिल्म पद्मावती की समीक्षा स्क्रीनिंग जनवरी 2018 में रखने वाला है और फिल्म पद्मावती भी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद रिलीज होगी। ऐसे में फिल्म पद्मावती लगभग अगले साल जनवरी या फरवरी में रिलीज होगी।

जबकि गुजरात में विधान सभा चुनाव 9 एवं 14 दिसंबर को होने जा रहे हैं और चुनावों के नतीजे 18 दिसंबर 2017 को घोषित हो जाएंगे। इसके बाद गुजरात की सत्ता कांग्रेस के हाथ में होगी या मौजूदा सत्ताधारी पार्टी के हाथ में यह तो जनाधार ही तय करेगा।

हां, यदि गुजरात सरकार को पद्मावती के मामले में ऐसी घोषणा करनी थी तो कुछ दिन पहले करनी थी। जब कांग्रेस और भाजपा नेताओं की ओर से क्रमश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने या स्थगित करने के लिए पत्र लिखे जा रहे ​थे।

गौरतलब है कि 19 नवंबर 2017 को वायकॉम मोशन पिक्चर्स की ओर से जारी बयान में फिल्म पद्मावती की रिलीज को टालने की बात कही गई थी और साथ ही उम्मीद प्रकट की थी कि प्रमाण पत्र मिलने के बाद फिल्म पद्मावती की नयी रिलीज डेट घोषित की जाएगी।

फिल्म निर्माताओं की घोषणा के तत्काल बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब में फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा होती हैं, जो केवल लोक दिखावा हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने की अपील को खारिज कर चुकी है।

रिपोर्ट/कुलवंत हैप्पी

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