स्मृति ईरानी के मंत्रालय की तानाशाही, सुजॉय घोष ने आईएफएफआई ज्यूरी हैड का पद छोड़ा!

मुम्बई। फिल्मकार सुजॉय घोष ने मंगलवार को 48वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल आॅफ इंडिया 2017 इंडियन पैनोरमा सेक्शन के ज्यूरी प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया।

जानकारी के अनुसार कहानी फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष ने यह कदम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दो फिल्मों को अचानक आईएफएफआई 2017 से बाहर कर देने के विरोध में उठाया है।

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दरअसल, ज्यू​री की ओर से चयनित फिल्मों को फिल्मोत्सव से बाहर करने से पहले मंत्रालय को ज्यूरी सदस्यों से बात करनी होती है, जो इस मामले में नहीं की गई।

गौरतलब है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से 9 नवंबर 2017 को पैनोरमा कैटेगरी के लिए 26 फीचर फिल्म और 16 नॉन फीचर फिल्म को  चुना गया। इस दौरान मंत्रालय ने मलयाली फिल्म ‘एस दुर्गा’, और मराठी फिल्म ‘न्यूड’ को गोवा में होने वाले 48वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल आॅफ इंडिया 2017 से हटा दिया, और वो भी 13 सदस्यीय ज्यूरी को बिना बताए।

यह फिल्मोत्सव 20 नवंबर 2017 को शुरू होने जा रहा है और 28 नवंबर 2017 तक चलेगा। सेक्सी दुर्गा, जो वर्तमान में एस दुर्गा हो चुकी है, के निर्देशक सनल कुमार शशिधरन ने केरल हाईकोर्ट में मंत्रालय के फैसले को चुनौती दी है।


इस मामले में सिनेमा क्रिटिक मिहिर पंड्या ने अपने फेसबुक खाते पर लिखा,’क्या मज़ेदार, शानदार फ़िल्म है सेक्सी दुर्गा। हमारे भीतर के डरों की फ़िल्म है। हमारे बेमुरव्वत शहरों की फ़िल्म है। हमारे समय की सच्ची स्याह तस्वीर है। पहले तो एमएएमआई के समय उसका नाम बदलवाया। फिर ज्यूरी का फैसला पलट उसे दिखाने पर पाबंदी। मुझे यकीन है, इन सरकारी बंदों ने फ़िल्म देखी भी नहीं होगी। इनकी ‘तपस्या’ लगता है शीर्षक सुनकर ही भंग हो जाती है।’

सुजॉय घोष के कदम की सराहना करते हुए मिहिर पंड्या ने लिखा, ‘मैंने चंडीगढ़ में यह ख़बर सुनते ही कहा था कि अगर ये होने के बाद भी ज्यूरी इस्तीफ़ा इनके मुँह पर नहीं मारती, तो लानत है। हद है यानि की। सुजॉय घोष ने सम्मान का काम किया है। बाक़ी सबको भी करना चाहिए।’